Hindi story for kids : कहानी भगवान के सेवक की

Hindi story for kids:- आज हम आपके लिए एक ऐसी स्टोरी लाए हैं, जिससे आपको सीखने को बहुत कुछ मिलेगा | अक्सर आप इस तरह की स्टोरी हमारी वेबसाइट पर पढ़ते ही रहते हैं, लेकिन यह स्टोरी उन सभी स्टोरी से बहुत ही ज्यादा अलग है, आपकी जानकारी के लिए बताया जाए तो यह स्टोरी भगवान और एक सेवक के बीच की स्टोरी है | तो चलिए इस स्टोरी के बारे में जानते हैं |

Hindi Story for Kids Motivational Story

एक बार भगवान का सेवक भगवान को कहता है कि भगवान जी, आप इस जगह पर कितने समय से खड़े हो आप थक गए होंगे | भगवान का सेवक भगवान से कहता है कि मैं आपकी जगह 1 दिन मूर्ति बनकर खड़ा हो जाता हूं और आप मेरी जगह लेकर बाहर घूमने चले जाओ | भगवान इस बात के लिए मान जाते हैं | लेकिन भगवान अपने सेवक को कुछ शर्ते मानने के लिए कहते हैं, वह कहते हैं कि जब भी कोई व्यक्ति मूर्ति के सामने प्रार्थना करने के लिए आए तो, तुमने बस उनकी प्रार्थना को सुनना है, बोलना कुछ भी नहीं है | भगवान कहते हैं कि मैंने उन सब के लिए प्लानिंग करके रखी है | तुम्हें कुछ बोलने की जरूरत नहीं है तुमने बस मूर्ति बन कर खड़े ही रहना है | सेवक इस बात के लिए मान जाता है |

इसी तरह सेवक मूर्ति बन कर वहां पर खड़ा हो जाता है, इसके बाद मंदिर में सबसे पहले एक बिजनेसमैन आता है, और वह कहता है कि, ‘ भगवान, मैंने एक नई फैक्ट्री लगाई है, वह बिजनेसमैन भगवान से प्रार्थना करता है कि मैं सफलता प्राप्त करूं |’ तो वह भगवान के आगे झुक जाता है, जब वह भगवान के आगे झुकता है तो उसकी प्रॉपर्टी में से परस नीचे गिर जाता है | वह बिना परस उठाएं वहां से चला जाता है | सेवक बेचैन हो जाता है, और वह सोचने लगता है कि मैं उसे रोककर कह दूं कि तुम्हारा परस नीचे गिर गया है, लेकिन शर्त के मुताबिक वह ऐसा नहीं कर सकता |

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उसके बाद मंदिर में एक गरीब इंसान आता है और भगवान को कहता है कि, ‘ भगवान हमारे घर में खाने के लिए कुछ भी नहीं है….. भगवान मेरी मदद करो’ | जब चल रहा है भगवान के आगे प्रार्थना कर रहा होता है तो उसकी नजर उस परस पर पड़ती है, इसी तरह में भगवान का धन्यवाद करता है और वहां से परस लेकर चला जाता है |

इसके बाद मंदिर में तीसरा व्यक्ति आता है | एक समंदर में जहाज चलाने वाला होता है | यह ‘भगवान से कहता है, ” मैं 15 दिन के लिए जहाज लेकर समंदर की यात्रा के लिए जा रहा हूं, वह भगवान से प्रार्थना करते हुए कहता है कि मुझे समुंदर की यात्रा में मुझे कोई रुकावट ना हो… भगवान मेरी मदद करना |

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उसके पीछे बिजनेसमैन पुलिस लेकर आता है और कहता है कि मेरे से बाद मंदिर में सौदागर आया है, उसने मेरा पर्स चुराया होगा| पुलिस सुधागर को अपने साथ ले जाती है, लेकिन सेवक बोल पड़ता है कि परस गरीब इंसान ने चुराया है | पुलिस सेवक के कहने पर उस गरीब इंसान को जेल में डाल देती है |

इसी तरह रात को वहां पर भगवान आ जाते हैं, तो सेवक खुश होकर सभी बातें भगवान को बता देता है | भगवान उसका उत्तर देते हैं कि तुमने किसी का काम बनाया नहीं है बल्कि बिगाड़ा है |

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भगवान सेवक को बताता है कि वह वह पारी गलत धंधा करता था, जेकर उसका परस गिर भी गया था तो उसको कोई फर्क नहीं पड़ना था | इसके साथ उसके पास ही कम होने थे | क्योंकि वह परस गरीब इंसान को मिला था, इसीलिए परस मिलने पर गरीब के बच्चे भूखे ना मरते |
रही बात सुधागर की, सुधाकर जिस यात्रा पर जा रहा था उस यात्रा पर बहुत बड़ा तूफान आने वाला था, लेकिन वह जेल में रहता तो उसकी जान बच जाती | उसकी पत्नी विधवा ना होती | भगवान सेवक को कहते हैं कि तुमने सब कुछ बिगाड़ दिया |

शिक्षा:- कई बार हमारे जीवन में बहुत सारी मुश्किल आते हैं लेकिन हम तभी कहते हैं कि यह सब कुछ मेरे साथ ही क्यों हुआ, लेकिन इसके पीछे भगवान की प्लानिंग होती है | इसीलिए भगवान जो भी करता है अच्छे के लिए ही करता है |

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